ऑनलाइन दर्शन का 7 दिन वाला प्लान: 12 ज्योतिर्लिंग समेत 35 मंदिर + गुजरात से 3 यात्रा सर्किट

ऑनलाइन दर्शन रोज करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है किस दिन किस मंदिर का दर्शन सबसे शुभ माना जाता है? दरअसल, हमारी परंपरा में हर वार किसी खास देवता को समर्पित है। इसलिए हमने 12 ज्योतिर्लिंग समेत 35 मंदिरों का एक 7 दिन वाला Live Darshan प्लान बनाया है। इसमें हर दिन के लिए Official लिंक और मंदिर का छोटा इतिहास है। साथ ही, गुजरात से 3 आसान यात्रा सर्किट भी दिए हैं। तो चलिए, इस हफ्ते से शुरुआत करें।

📅 8 नवंबर 2026 | ✍️ Trendzplay भक्ति डेस्क | ⏱️ 18 मिनट पढ़ें


📑 इस लेख में क्या है:

⚡ Quick Facts

  • ✅ सबसे आसान शुरुआत: सोमवार सुबह 7 बजे सोमनाथ की आरती।
  • ✅ गुरुवार परंपरा: जलाराम बापा के भक्त मन्नत पूरी होने पर गुरुवार को व्रत रखकर दर्शन करते हैं।
  • ✅ डाकोर: पूर्णिमा पर यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं।
  • ✅ सभी Live लिंक: मंदिर की Official वेबसाइट या utsav.gov.in से ही खोलें।

ऑनलाइन दर्शन का 7 दिन वाला चार्ट

सबसे पहले पूरा हफ्ता एक नजर में देख लीजिए। इसके बाद हर दिन की पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

वार देवता ऑनलाइन दर्शन के लिए मंदिर
सोमवार भगवान शिव 12 ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ, महाकाल, काशी, नागेश्वर, त्र्यंबकेश्वर आदि
मंगलवार हनुमानजी, गणपति सालंगपुर, भुरखिया, सिद्धिविनायक
बुधवार गणपति दगडूशेठ, पुणे
गुरुवार गुरु, संत शिरडी, वीरपुर, वडताल, गढ़डा, अक्षरधाम
शुक्रवार माताजी अंबाजी, पावागढ़, बहुचराजी, उमिया माताजी, वैष्णो देवी, कोल्हापुर
शनिवार शनिदेव, वेंकटेश्वर शनि शिंगणापुर, तिरुपति बालाजी
रविवार / पूर्णिमा श्रीकृष्ण, श्रीराम, जगन्नाथ द्वारका, डाकोर, शामलाजी, श्रीनाथजी, अयोध्या, पुरी

💡 नोट: यह चार्ट लोक परंपरा पर आधारित एक सुझाव है। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार किसी भी दिन कोई भी दर्शन कर सकते हैं।

सोमवार का ऑनलाइन दर्शन: सभी 12 ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ, गुजरात: यह बारह ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। कई आक्रमणों के बाद भी इसका बार-बार पुनर्निर्माण हुआ। इसलिए इसे अटूट आस्था का प्रतीक कहते हैं। आरती सुबह 7, दोपहर 12 और शाम 7 बजे होती है। Live Darshan somnath.org पर देखें।

महाकालेश्वर, उज्जैन: यह इकलौता दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। वहीं, सुबह 4 से 6 बजे होने वाली भस्म आरती बेहद खास है। Live Darshan shrimahakaleshwar.com पर मिलता है।

काशी विश्वनाथ, वाराणसी: गंगा तट पर बसे इस ज्योतिर्लिंग की आरती ट्रस्ट के Social Media चैनलों पर Live आती है। Official वेबसाइट shrikashivishwanath.org है।

बाकी 9 ज्योतिर्लिंग, एक लाइन में:

  • नागेश्वर (द्वारका के पास, गुजरात): द्वारका से करीब 17 किमी, शिव की विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध। नियमित Official Live की पुष्टि नहीं।
  • त्र्यंबकेश्वर (नासिक): गोदावरी का उद्गम, लिंग में ब्रह्मा-विष्णु-महेश के प्रतीक। Live लिंक utsav.gov.in पर।
  • घृष्णेश्वर (एलोरा के पास): सबसे छोटा ज्योतिर्लिंग, जहां शिवलिंग को हाथ से छू सकते हैं।
  • भीमाशंकर (पुणे जिला): सह्याद्रि के जंगल में, भीमा नदी का उद्गम। सूचना shreebhimashankar.com पर।
  • ओंकारेश्वर (खंडवा): नर्मदा के "ॐ" आकार वाले द्वीप पर। मंदिर समिति मीडिया प्लेटफॉर्म पर Live कराती है।
  • मल्लिकार्जुन (श्रीशैलम): ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों। सोर्स srisailadevasthanam.org और App।
  • केदारनाथ (उत्तराखंड): करीब 3,583 मीटर पर सबसे ऊंचा ज्योतिर्लिंग। मई से अक्टूबर-नवंबर तक खुला, यात्रा सीजन में प्रसारण।
  • वैद्यनाथ (देवघर): सावन में कांवड़ यात्रा का बड़ा केंद्र। मंदिर की ओर से Live बताया जाता है।
  • रामेश्वरम (तमिलनाडु): मान्यता है कि भगवान राम ने यहां शिवलिंग स्थापित किया। चार धाम में से एक।

💡 सोमवार टिप: सुबह जल्दी उठ पाएं तो महाकाल की भस्म आरती से दिन शुरू करें। फिर 7 बजे सोमनाथ की आरती देखें।

मंगलवार का ऑनलाइन दर्शन: हनुमानजी और गणपति

कष्टभंजनदेव, सालंगपुर: सालंगपुर हनुमानजी की प्रतिष्ठा सद्गुरु गोपालानंद स्वामी ने संवत 1905 यानी 1849 ई. में की थी। यह मंदिर वडताल गादी के अंतर्गत आता है। रोज की आरती Official YouTube चैनल पर आती है। इसके अलावा, सरकार के Utsav पोर्टल पर भी लिंक है।

भुरखिया हनुमानजी, अमरेली: लाठी तालुका का यह ऐतिहासिक मंदिर "भुरखिया दादा" के नाम से जाना जाता है। चैत्री पूनम पर यहां बड़ा मेला लगता है। Live Darshan लिंक भारत सरकार के Utsav पोर्टल पर है। सुबह की आरती 5 बजे होती है।

सिद्धिविनायक, मुंबई: मंगलवार को यहां सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इसलिए घर से ऑनलाइन दर्शन सबसे आसान विकल्प है। मंदिर siddhivinayak.org, App और YouTube पर 24x7 Live रहता है।

बुधवार: दगडूशेठ गणपति, पुणे

पुणे का दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर श्री दगडूशेठ हलवाई और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई ने बनवाया था। दरअसल, गणेशोत्सव के दौरान यहां के ऑनलाइन दर्शन करोड़ों लोग करते हैं। सुबह और रात की आरती खास तौर पर देखी जाती है। Live Darshan dagdushethganpati.com और Official App पर उपलब्ध है।

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गुरुवार का ऑनलाइन दर्शन: साईं बाबा और जलाराम बापा

शिरडी साईं बाबा: साईं बाबा ने 15 अक्टूबर 1918 को समाधि ली थी। गुरुवार को यहां विशेष पालकी निकलती है। Sai Sansthan का Live प्रसारण sai.org.in से मिलता है, लगभग सुबह 4 से रात 11 बजे तक।

जलाराम बापा, वीरपुर: संत जलाराम बापा का जन्म 1799 में वीरपुर में हुआ। उन्होंने सदाव्रत शुरू किया, जो आज तक चल रहा है। मंदिर असल में बापा का घर था। यहां उनकी झोली और डंडा आज भी सुरक्षित हैं। हालांकि, वीरपुर का कोई नियमित Official Live Stream हमें नहीं मिला। इसलिए अनजान "Live" लिंक पर दान न करें।

स्वामिनारायण मंदिर, वडताल: यह मंदिर 3 नवंबर 1824 को पूरा हुआ। यह लक्ष्मीनारायण देव गादी का मुख्यालय है। Live Darshan vadtalmandir.org और "Vadtal Mandir" YouTube चैनल पर है।

गोपीनाथजी, गढ़डा: भगवान स्वामिनारायण यहां 25 साल से ज्यादा रहे। 9 अक्टूबर 1828 को मूर्तियों की प्रतिष्ठा हुई। मंदिर की ओर से Online Live Darshan होता है।

अक्षरधाम, गांधीनगर: BAPS का यह मंदिर 1992 में खुला। उत्सव और विशेष आरती BAPS के Official चैनल पर आती है।

शुक्रवार का ऑनलाइन दर्शन: माताजी के धाम

अंबाजी शक्तिपीठ: अंबाजी 51 शक्तिपीठों में से एक है। खास बात यह है कि यहां मूर्ति नहीं है। बल्कि श्री विसा यंत्र को दिन में अलग-अलग श्रृंगार से सजाया जाता है। Live Darshan ambajitemple.in और Official App पर मिलता है। जुलाई 2026 से दोपहर 12:30 से 4:30 तक भी दर्शन खुले रहते हैं।

माता वैष्णो देवी, कटरा: त्रिकूट पर्वत की गुफा में माता पिंडी रूप में हैं। Shrine Board के App पर अटका आरती Live आती है। समय लगभग सुबह 6:20-8:05 और शाम 7:20-9:05 है। वेबसाइट maavaishnodevi.org है।

पावागढ़ महाकाली: करीब 800 मीटर ऊंची पहाड़ी पर यह शक्तिपीठ UNESCO साइट चांपानेर-पावागढ़ का हिस्सा है। हालांकि, नियमित Live की पुष्टि हमें नहीं मिली। आरती सुबह 5 और शाम 6:30 बजे होती है।

बहुचराजी, मेहसाणा: अंबाजी और पावागढ़ के साथ इसे गुजरात की तीन प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। खास मौकों पर Live होता है।

उमिया माताजी, ऊंझा: कड़वा पाटीदार समाज की कुलदेवी। मंदिर संस्थान की ओर से Live Darshan उपलब्ध है।

महालक्ष्मी (अंबाबाई), कोल्हापुर: शक्तिपीठों में गिना जाने वाला मंदिर, जहां किरणोत्सव में सूर्य की किरणें मूर्ति पर पड़ती हैं। मंदिर की ओर से Live Darshan उपलब्ध है।

शनिवार: शनिदेव और तिरुपति बालाजी

शनि शिंगणापुर: यहां शनिदेव की स्वयंभू शिला खुले आसमान के नीचे है। गांव के घरों में दरवाजे न होने की परंपरा पूरे देश में मशहूर है। ShemarooMe जैसे प्लेटफॉर्म इसका Live Streaming दिखाते हैं। Official जानकारी shanidev.com पर है।

सालंगपुर फिर से: शनिवार को सालंगपुर में भारी भीड़ होती है। इसलिए जो भक्त नहीं जा सकते, वे इसी दिन ऑनलाइन दर्शन जरूर करते हैं।

तिरुपति बालाजी: शनिवार को भगवान वेंकटेश्वर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। तिरुमाला के इस मंदिर में देश के सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। TTD के अपने SVBC (Sri Venkateswara Bhakthi Channel) पर सेवाओं और उत्सवों का प्रसारण होता है। टिकट सिर्फ TTD की Official वेबसाइट से बुक करें।

रविवार और पूर्णिमा का ऑनलाइन दर्शन: श्रीकृष्ण और श्रीराम

द्वारकाधीश: द्वारका चार धाम में से एक है। यहां की ध्वजा दिन में कई बार बदली जाती है। Live Darshan dwarkadhish.org पर है।

डाकोर रणछोड़रायजी: मान्यता है कि भक्त बोडाणा की भक्ति से भगवान द्वारका से डाकोर आए। पूर्णिमा पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। Live Darshan ranchhodraiji.org पर मिलता है।

शामलाजी, अरवल्ली: यहां भगवान विष्णु गदाधर रूप में मेश्वो नदी के किनारे विराजते हैं। कार्तिक पूर्णिमा का मेला प्रसिद्ध है। Live Darshan shreeshamlajivishnutemple.org पर मिलता है।

श्रीनाथजी, नाथद्वारा: 17वीं सदी की इस "हवेली" में रोज आठ झांकी दर्शन होते हैं। झांकी के समय Live Darshan nathdwaratemple.org पर आता है।

राम मंदिर, अयोध्या: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई। Doordarshan पर रोज सुबह की आरती का प्रसारण होता है।

जगन्नाथ मंदिर, पुरी: चार धाम में से एक, जहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजते हैं। आषाढ़ की रथयात्रा का Live प्रसारण Doordarshan पर होता है।

⚠️ ध्यान दें: कई नकली चैनल मंदिर के नाम पर Donation मांगते हैं। निजी WhatsApp नंबर या UPI ID पर कभी पैसे न भेजें।

गुजरात से 3 तीर्थ यात्रा सर्किट

ऑनलाइन दर्शन के बाद मन करे कि प्रत्यक्ष दर्शन भी हो जाएं? तो गुजरात से ये तीन सर्किट सबसे आसान हैं। दूरी अहमदाबाद से अनुमानित है।

सर्किट 1: सौराष्ट्र दर्शन (4-5 दिन)

रूट: अहमदाबाद → सालंगपुर → गढ़डा → भुरखिया → वीरपुर → सोमनाथ → द्वारका + नागेश्वर → अहमदाबाद

  • 🚗 कार से: यह सर्किट कार से सबसे बेहतर है। सालंगपुर करीब 150 किमी, सोमनाथ करीब 400 किमी है।
  • 🚆 ट्रेन से: अहमदाबाद से वेरावल (सोमनाथ) और द्वारका दोनों के लिए सीधी ट्रेनें हैं। सालंगपुर-गढ़डा के लिए बोटाद स्टेशन उतरें।
  • 🚌 बस से: GSRTC की बसें हर पड़ाव को जोड़ती हैं। खासकर राजकोट-जूनागढ़ हाईवे पर वीरपुर में लगभग हर बस रुकती है।

💡 टिप: द्वारका के पास नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और बेट द्वारका भी जोड़ लें।

सर्किट 2: महाराष्ट्र दर्शन (5-6 दिन)

रूट: अहमदाबाद → मुंबई (सिद्धिविनायक) → पुणे (दगडूशेठ) → भीमाशंकर → शिरडी → शनि शिंगणापुर → घृष्णेश्वर → त्र्यंबकेश्वर → अहमदाबाद

💡 टिप: इस सर्किट में 3 ज्योतिर्लिंग एक साथ हो जाते हैं। समय हो तो कोल्हापुर महालक्ष्मी भी जोड़ें। फिर कुल 6-7 दिन रखें।

  • 🚆 ट्रेन से: अहमदाबाद से मुंबई के लिए Vande Bharat और Shatabdi जैसी तेज ट्रेनें हैं। दादर से सिद्धिविनायक पैदल 15 मिनट है।
  • 🚌 बस से: अहमदाबाद और सूरत से शिरडी के लिए रात की स्लीपर बसें मिलती हैं।
  • 🚗 कार से: मुंबई करीब 530 किमी और शिरडी करीब 550 किमी है। शिरडी से शनि शिंगणापुर सिर्फ 70 किमी है।

सर्किट 3: मध्य प्रदेश-राजस्थान दर्शन (3-4 दिन)

रूट: अहमदाबाद → अंबाजी → शामलाजी → नाथद्वारा → उज्जैन (महाकाल) → ओंकारेश्वर → अहमदाबाद

  • 🚗 कार से: अंबाजी करीब 180 किमी, नाथद्वारा करीब 300 किमी और उज्जैन करीब 400-450 किमी है।
  • 🚆 ट्रेन से: अंबाजी के लिए आबू रोड, नाथद्वारा के लिए मावली या उदयपुर, और उज्जैन के लिए रतलाम होकर ट्रेन लें।
  • 🚌 बस से: अहमदाबाद से नाथद्वारा और इंदौर-उज्जैन के लिए प्राइवेट स्लीपर बसें रोज चलती हैं।

💡 टिप: महाकाल भस्म आरती की Booking सिर्फ Official वेबसाइट पर होती है और जल्दी फुल हो जाती है। इसलिए पहले Booking करें, फिर यात्रा तय करें।

दूरी और साधन एक नजर में

पड़ाव अहमदाबाद से दूरी (अनुमानित) नजदीकी स्टेशन
डाकोर 85-90 किमी डाकोर
ऊंझा 100 किमी ऊंझा
शामलाजी 125 किमी शामलाजी रोड
पावागढ़ 150 किमी वडोदरा
सालंगपुर 150 किमी बोटाद
अंबाजी 180 किमी आबू रोड
भुरखिया 230 किमी लाठी / अमरेली
नाथद्वारा 300 किमी मावली / उदयपुर
सोमनाथ 400 किमी वेरावल
उज्जैन 400-450 किमी उज्जैन
द्वारका 440 किमी द्वारका
शिरडी 550 किमी साईंनगर शिरडी / कोपरगांव

💡 नोट: ट्रेन का ताजा समय IRCTC पर और बस का समय GSRTC पर जरूर देखें।

आखिर में, ऑनलाइन दर्शन को रोज की आदत बनाइए। फिर साल में एक बार इनमें से कोई सर्किट जरूर कीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ क्या ऑनलाइन दर्शन से भी पुण्य मिलता है?

आस्था में भाव सबसे जरूरी माना जाता है। इसलिए कई भक्त ऑनलाइन दर्शन को भी उतनी ही श्रद्धा से करते हैं। फिर भी प्रत्यक्ष यात्रा का अपना महत्व है।

❓ सोमवार को कौन-सा ऑनलाइन दर्शन करें?

सोमवार को सोमनाथ, महाकाल या काशी विश्वनाथ के Live Darshan शुभ माने जाते हैं।

❓ शुक्रवार को माताजी के कौन-से Live Darshan मिलते हैं?

अंबाजी की Official App और वेबसाइट, और वैष्णो देवी के Shrine Board App पर Live आरती मिलती है।

❓ सोमवार को 12 ज्योतिर्लिंग में से किसके Live Darshan मिलते हैं?

सोमनाथ, महाकाल, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, ओंकारेश्वर और मल्लिकार्जुन के Official Live सोर्स उपलब्ध हैं। बाकी के लिए त्योहारों पर प्रसारण होता है।

❓ तिरुपति बालाजी के Live Darshan कहां देखें?

TTD के SVBC चैनल पर। टिकट सिर्फ TTD की Official वेबसाइट से बुक करें।

❓ गुजरात से सबसे आसान तीर्थ सर्किट कौन-सा है?

सौराष्ट्र सर्किट सबसे आसान है। क्योंकि सालंगपुर, वीरपुर, सोमनाथ और द्वारका सब सड़क से अच्छी तरह जुड़े हैं।

❓ क्या ऑनलाइन दर्शन के लिए पैसे लगते हैं?

नहीं, Official Live Darshan मुफ्त होते हैं। केवल पूजा, पास या प्रसाद Booking का शुल्क लगता है।

❓ Official Live लिंक कैसे पहचानें?

मंदिर की अपनी वेबसाइट से दिया गया लिंक ही खोलें। शक हो तो भारत सरकार के utsav.gov.in पोर्टल से मिलान करें।


⚖️ यह लेख मंदिरों की Official वेबसाइट, भारत सरकार के Utsav पोर्टल और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। वार के अनुसार दर्शन का चार्ट लोक परंपरा पर आधारित सुझाव है। दूरी और समय अनुमानित हैं। यात्रा या Booking से पहले संबंधित मंदिर की Official वेबसाइट अवश्य देखें।

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